HAPPINESS NOW, ILLNESS NEVER

I Love What I Feed My Body

If you are happy, you are healthy.

If you are not happy, being healthy is immaterial.

खाणो अर मन रा भाव

थांरी खाणै री याद रो थांरे खातर कांई मतलब है?

म्हारी उमर 56 है, अर जे म्हैं खाणै रा वो सगळा चलन गिणावूं जिण में सूं म्हैं बचकर निकळी हूं — हर क्लेंज़, उपवास, डिटॉक्स, अपराधबोध रो फेर अर “साफ-सुथरो खावण” री कोशिश — तो शायद एक पुस्तकालय भर सकूं। म्हैं कैलोरी भी गिणी है अर आशीर्वाद भी, कार्बोहाइड्रेटां सूं दूर भागी हूं अर फेर उण कानी दौड़कर पाछी भी गई हूं, अर दुनिया जिण-जिण ढंग सूं सिखायो, उण हर ढंग सूं खाणै रै मामलै में “भली” बणण री कोशिश करी है।

Sapna Jain Chaturvedi ·

अंग्रेजी रै मूल लेख रो अनुवाद AI सूं करियो गयो है। भाव री बारीकियां में फरक हो सकै है। अंग्रेजी रो मूल लेख पढ़ो

Food Memory cover showing a white dish garnished with green herbs.

म्हारी उमर 56 है, अर जे म्हैं खाणै रा वो सगळा चलन गिणावूं जिण में सूं म्हैं बचकर निकळी हूं — हर क्लेंज़, उपवास, डिटॉक्स, अपराधबोध रो फेर अर “साफ-सुथरो खावण” री कोशिश — तो शायद एक पुस्तकालय भर सकूं। म्हैं कैलोरी भी गिणी है अर आशीर्वाद भी, कार्बोहाइड्रेटां सूं दूर भागी हूं अर फेर उण कानी दौड़कर पाछी भी गई हूं, अर दुनिया जिण-जिण ढंग सूं सिखायो, उण हर ढंग सूं खाणै रै मामलै में “भली” बणण री कोशिश करी है।

पण जद म्हैं सच में आपरे आप रै साथै बैठ अर पूछूं कै खाणै रो म्हारे खातर कांई मतलब है — पोषण रै हिसाब सूं कोनी, चलन रै हिसाब सूं कोनी, बल्कि आत्मा रै हिसाब सूं — तो बिल्कुल अलग जवाब उभरै है।

खाणो नियमां री बात कोनी। कदे हो ई कोनी।

खाणो याद है। खाणो जुड़ाव है। खाणो थाळी में परोसी जिंदगी है।

अर जद म्हैं खाणै रै जरियै आपरी जिंदगी रो रास्तो फेर देखूं, तो केवल पकवान कोनी दिखै — चेहरा, जगहां अर वे लोग दिखै है जिण नै म्हैं आज भी भीतर साथै लिए फिरूं हूं। दोस्ती, हंसी, विद्रोह, देखभाळ, दिलासो, आनंद दिखै है। म्हारे आप रा वे सगळा हिस्सै दिखै है जिण सूं म्हानै सबसूं ज्यादा प्रेम हो — अर जिण नै कई बार म्हैं भूल गई।

म्हैं आजाद नगर में, एक परंपरागत जैन घर में पळी-बढ़ी, जठै खाणो नियमां सूं चालतो हो: प्याज कोनी, लहसुण कोनी, अंडा कोनी। आपरी थाळियां श्रद्धा सूं भरी होवती ही। हर कौर में शांति अर देखभाळ ही। पण नानी छोरी ही जद भी भीतर कुछ हलचल महसूस करूं ही — ज्यादा खाणै री कोनी, ज्यादा स्वाद री भूख। परंपरा नै ठुकरावणो कोनी, पण उण रै पार कांई है, इण री एक नरम जिज्ञासा।

बिल्कुल पड़ोस में मीना टेलर रहवै ही, आपरी पड़ोसण अर वा पहली मिनख जिण म्हानै उण जिज्ञासा रो स्वाद चखण दियो। उण री रसोई जींदी ही — तेल में चटकतो लहसुण, सुनहरा पड़ता प्याज, धूप ज्यूं हवा में फैलता मसाला। म्हैं “बस राम-राम करण” उण रै अठै जाऊं ही, अर बैठी रहूं ही जद वा कहाणियां रै साथै आपरी सब्जियां हिलावै ही। उण कदे भलो-बुरो कोनी आंक्यो, कदे सवाल कोनी करिया। अर म्हैं वो रोमांच कदे कोनी भूली। उण रो खाणो निडर हो, अर म्हैं भी।

म्हैं कई बार उबळ्या अंडा भी स्कूल रै बस्ते में भीतर लुकाकर घर ले आवूं ही। इण वास्तै कोनी कै म्हानै उण नै चोरी-छिपै खावण री जरूरत ही, पण इण वास्तै कै यो दुनिया नै हां कहण ज्यूं लागै हो — स्वाद नै, विद्रोह नै, शरारत अर जादू नै।

पण म्हारे खातर खाणो कदे केवल अवज्ञा कोनी हो। यो आपरे सबसूं सच्चा, आनंदभर्या अर उदार रूप में प्रेम हो।

स्कूल में खाणै रो मतलब हो ब्लेजर री जेबां में लुकाया नमकीन मूंगफळी रा दाणा, जो हीना रै साथै किताब-क्रिकेट खेलता बांटां हा। मतलब हो कैंटीन तक दौड़कर उण चिपचिपी, गहरी इमली री चटणी में भीज्या बटाटा वड़ा खावणो, जिण री चटणी हर बार कलाई तक बह जावै ही। आपरी जीभ जलै ही, आंख्यां में पाणी आवै हो, अर हर दिन फेर उण रै खातर पाछा जावां हा।

अर भवन्स कॉलेज रै बाहर? ओह, वे सैंडविच। चिकणाई सूं भर्या, ठूंस-ठूंसकर भर्या, सुनहरा होवण तक बिल्कुल सही सेंक्या। व्याख्यानां रै बीच आजादी रो एक कौर, उण दोस्तां रै बीच बांट्यो हुयो जो बढ़िया गळी-ठेलै रै खाणै अर बढ़िया गप्पां री कीमत जाणै हा।

आजाद नगर रै घर रै अठै वो मशहूर वड़ा पाव रो ठेलो हो — झटपट, तीखो, भरोसेमंद। यो केवल खाणो कोनी हो। यो पहचान ही। म्हारी पहचान। एक कौर में आपरो मोहल्लो।

अर हफ्तै में एक बार, घड़ी ज्यूं पक्कै नियम सूं, आपरे बड़े परिवार रो बाहर जावणो होवै हो। आपां स्वदेश में पेपर डोसा खावण जावां हा — कुरकुरो, मेज जित्तो लंबो, नारियल री चटणी अर भाप छोड़ता सांभर रै साथै परोस्यो हुयो। हर बार त्यौहार ज्यूं लागै हो। अर बाद में नवरंग थिएटर में फिल्म। यो मेल — डोसा अर ड्रामा — म्हारे बालपण रै हफ्ते रै आखिरी दिनां री धड़कण हो।

कई यादां चुपचाप चमकै है, ज्यूं चमड़ी पर गरम उजास।

उण में सूं एक है आई — आपरी पड़ोसण। परंपरागत मतलब में भले वा आपरी रिश्तेदार कोनी ही, पण हर मायनै वाळै ढंग सूं वा आपरो परिवार ही। एक रात म्हानै नींद कोनी आवै ही। छाती पर कुछ भारी लागै हो। म्हैं रात रै 1 बजै उण रै घर गई। उण दरवाजो खोल्यो, आंख्यां में कोई हैरानी कोनी ही, अर बिण एक शब्द बोल्या म्हारे हाथ में दही भात री कटोरी धर दी।

पण यो कोई आम दही भात कोनी हो।

उण रो दही दूजा किणी ज्यूं कोनी हो। इत्तो गाढ़ो कै फांक काट सको, इत्तो मलाईदार कै दिलासो देवै, अर ऊपर राई रै दाणां री धीमी चटक। उण रात उण म्हानै सलाह कोनी दी। चुप्पी दी। गहरी, शांत चुप्पी, उण सबसूं गहरे प्रेम में लिपटी हुई जिण नै केवल खाणो पहुंचा सकै है।

अर म्हैं भी रसोई करूं हूं। हमेशा सूं करती आई हूं।

लोगां नै खवावणो म्हारो प्रेम जतावण रो ढंग है। इण सूं म्हानै याद रहवै है कै म्हैं कूण हूं। म्हानै तारीफ री जरूरत कोनी — बस थै आनंद सूं खाओ, या ई चाह है। अर म्हारो बेटो — ओह, उण तो इण नै कला ज्यूं आगै बढ़ायो है। COVID रै बखत उण जिण ढंग सूं पकायो — लसग्ना री परतां जमावणो, केसायडिया मोड़णो, शुरू सूं पिज्जा बणावणो — यो केवल प्रभावित करण वालो कोनी हो। यो भावां नै छूण वालो हो। इण म्हानै याद दिलायो कै खाणै सूं, स्वाद सूं, देखभाळ सूं आपरो यो जुड़ाव सीख्यो हुयो कोनी है। यो विरासत में मिल्यो है। यो आपरी रगां में बहवै है।

लोग कहै है कै म्हारो जनम देवी अन्नपूर्णा रै आशीर्वाद सूं हुयो है।

शायद हुयो होवै। पण वा अलग कहाणी है।

अर थै? थांरो खाणो कूणसी कहाणियां कहै है? इण में कूणसी यादां बसै है? नीचे टिप्पणियां में आपरे अनुभव बांटो — म्हानै सुणणो घणो भावसी।

आखिर, खाणो कदे केवल एक भोजन कोनी होवै। यो आपां सगळां री कहाणी है।