HAPPINESS NOW, ILLNESS NEVER

I Love What I Feed My Body

If you are happy, you are healthy.

If you are not happy, being healthy is immaterial.

Sapna Jain Chaturvedi री किताब

I Love What I Feed My Body

खाणो, शरीर अर रोज री जिंदगी

अंग्रेजी रै मूल लेख रो अनुवाद AI सूं करियो गयो है। भाव री बारीकियां में फरक हो सकै है। अंग्रेजी रो मूल लेख पढ़ो

I Love What I Feed My Body खाणै, शरीर अर आपां रै जीण रै ढंग रै बारे में बातचीत री शुरुआत करै है। Sapna Jain Chaturvedi लोगां नै खवावण रो आनंद, भोजन सूं जुड़ी यादां अर आपरे आप, चुनाव अर जिम्मेदारी रै बारे में आपरी सोच नै सागै ल्यावै है। बार-बार उभरता पांच विषय इण बातचीत नै दिशा देवै है: Need (जरूरत), Nutrition (पोषण), Nurture (स्नेहभरी संभाळ), Nourish (तन-मन रो पोषण) अर Nature (कुदरत)। शरीर अठै ऐड़ा साथी रै रूप में आवै है जिण री संभाळ करणी है, अर खाणो रोज री जिंदगी नै परिवार, संस्कृति अर जीव-जगत रै बडे घेरे सूं जोड़ै है। किताब में जिज्ञासा, आनंद अर लय री जगह है, अर इण सवालां री भी कै आपां कांई पावां हां, कांई जतावां हां अर कांई पाछो देवां हां।

खोजण-समझण खातर पांच विषय

Need (जरूरत), Nutrition (पोषण), Nurture (स्नेहभरी संभाळ), Nourish (तन-मन रो पोषण) अर Nature (कुदरत) खाणै रै बारे में किताब री बातचीत में उतरण रा अलग-अलग रस्ता देवै है।

Need — जरूरत

शुरुआत खावण अर जीवन नै कायम राखण री जरूरत सूं होवै है। यो विषय खाणै तक पहुंच अर भूख नै मान देण री बात नै ध्यान में राखै है।

जींदा रहण सूं मायना तक: आपां क्यूं खावां हां, इण पर फेर सूं विचार।

Nutrition — पोषण

खाणै रो भौतिक पहलू: उण रा पोषक तत्व, मात्रा अर शरीर रा वे काम जिण नै इण सूं सहारो मिलै है। खावण रै अनुभव रै साथै समझ री भी आपरी जगह है।

पोषण कांई है?

Nurture — स्नेहभरी संभाळ

खाणो, देखभाळ देण अर पावण रै रूप में। जाणता-पिछाणता स्वाद, सागै खायो भोजन अर रोज खवावण रा काम यादां, दिलासो अर आपनापन ल्यावै है।

बीती यादां रो स्वाद: खाणो घर ज्यूं क्यूं लागै है

Nourish — तन-मन रो पोषण

शरीर अर आपरे आप सूं रिश्तै रै रूप में खाणो, जिण में आपरी बात जतावण, आनंद अर जाणी-पिछाणी आदतां री सुध राखण री जगह है। लय री अहमियत, एकदम परिपूर्ण होवण सूं ज्यादा है।

जींदा रहण सूं मायना तक: आपां क्यूं खावां हां, इण पर फेर सूं विचार।

Nature — कुदरत

खाणो आपां रो जीव-जगत सूं जुड़ाव साम्है ल्यावै है। भोजन पावण रै साथै जमीन, पाणी, कचरे अर आपां पाछो कांई देवां हां, इण री जिम्मेदारी रा सवाल भी उठै है।