HAPPINESS NOW, ILLNESS NEVER

I Love What I Feed My Body

If you are happy, you are healthy.

If you are not happy, being healthy is immaterial.

खाणो अर मानसिक सेहत

पिछाण कियां बणै है — अर आपां कांई खावां हां, इण नै वा क्यूं आकार देवै है

हरेक मिनख एक निराळी भीतरी लय रै साथै जनमै है — भावां री एक मूल बणावट, मूल्‍यां रो एक अलग समूह, अर दुनिया में बाट खोजण रो एक कुदरती दिशा-सूचक। पण आवण रै पल सूं ई आपां नै ऐड़ी व्यवस्थावां में धर दियो जावै है जो ऐं चालै ज्यूं एक ई नाप सगळां नै जंचणो चइजै।

Sapna Jain Chaturvedi ·

अंग्रेजी रै मूल लेख रो अनुवाद AI सूं करियो गयो है। भाव री बारीकियां में फरक हो सकै है। अंग्रेजी रो मूल लेख पढ़ो

Existing identity and food cover showing a family preparing food together.

हरेक मिनख एक निराळी भीतरी लय रै साथै जनमै है — भावां री एक मूल बणावट, मूल्‍यां रो एक अलग समूह, अर दुनिया में बाट खोजण रो एक कुदरती दिशा-सूचक। पण आवण रै पल सूं ई आपां नै ऐड़ी व्यवस्थावां में धर दियो जावै है जो ऐं चालै ज्यूं एक ई नाप सगळां नै जंचणो चइजै।

खोज करण खातर हौसलो देण री बजाय आपां नै पाछै चालणो सिखायो जावै है। आपरे आप नै समझण में सहारो देण री बजाय हुकम मानण री तालीम दी जावै है। भाव प्रगट होवण सूं पहल्यां ई छाण दिया जावै है। राय बणण सूं पहल्यां ई खारिज कर दी जावै है। बालक होवां जद आपां नै कह्यो जावै कै आपां पूरो कोनी जाणां। किशोर होवां जद कह्यो जावै कै आपां घणो ज्यादा महसूस करां। अर बयस्क होवां जद आपां सूं काम करता रहण री उम्मीद राखी जावै — बिण कदे यो दिखाया कै महसूस कियां करणो, मनन कियां करणो या चुनणो कियां।

या निजी नाकामी कोनी। यो व्यवस्था रो दोहरातो ढर्रो है।

🔁 कड़ी: संस्कारां सूं ढाळणो → आदत → ढर्रो → पिछाण

संस्कारां सूं ढाळणो जल्दी शुरू हो जावै है। यो आपरी मान्यतावां नै आकार देवै है कै कांई स्वीकार करियो जावै, कांई शर्म री बात है, अर कांई “सामान्य” है। वे मान्यतावां आपरे व्यवहार पर असर करै है। दोहराव व्यवहार नै आदतां में बदल देवै है। आदतां मिलकर ढर्रा बणावै है। ढर्रां सूं आगै कांई होसी, इण रो अंदाज लगण लागै है। अर या अनुमान लगावण री शक्यता — सांच कोनी — पिछाण बण जावै है।

पण पिछाण रो यो रूप चुन्यो कोनी गयो। यो विरासत में मिल्यो है। आपरो माहौल इण नै मजबूत करै है अर तंत्रिका-तंत्र इण री रक्षा करै है, जो जाणी-पिछाणी लागण वाळी चीज नै तरजीह देवै है, असल लागण वाळी नै कोनी। आराम री हद ई आपरे होवण री हद बण जावै है — इण वास्तै कोनी कै वा आपां कूण हां यो दिखावै है, पण इण वास्तै कै वा आपां नै सुरक्षित राखै है।

आपां नै यो मानता बड़ा करियो जावै है कै समझदारी आपां सूं बाहर बसै है। कै पढ़ाई आपां नै बतासी कै आपां कूण हां। कै बड़ा सबसूं भलो जाणै है। अर जदकि आपां नै आपरी भावनात्मक दुनिया संभाळणी कोनी सिखाई जावै, उण रै छलकण री घड़ी सूं ई आपां नै जिम्मेदार ठहरायो जावै है।

नतीजो? आपरे आप सूं कट्या मिनखां री एक पीढ़ी — इण वास्तै कोनी कै उण में भीतर देखण री समझ कोनी, पण इण वास्तै कै उण नै आपरी मूल बणावट टटोलण री इजाजत या साधन कदे दिया ई कोनी गया। उण नै दोहराव ढाळ्यो, मनन कोनी। मंजूरी ढाळ्यो, असलपण कोनी।

आपां घणी वार पिछाण नै “भीतर” री कोई चीज कहां हां — ऐड़ी चीज जो खोजी जावण री बाट जोवै है। पण पिछाण पहल्यां बाहर सूं बणै है। आरसी मायनो राखै है। आपां नै उण सूं आकार मिलै है जो आपां कानी पाछो झलकै है: बोली, लहजे, व्यवहार अर दोहराव रै जरिये। वो झलक आदत बण जावै है। आदत ढर्रो बणै है। ढर्रो पिछाण बणै है।

या दोष देण री बात कोनी। या साफ समझ री बात है। क्यूंकै जद तक आपां यो कोनी समझां कै आपां नै कियां ढाळ्यो गयो, आपां उण ढाळे रूप नै ई आपरो असल आप समझता रहस्यां।

🍽 ये ई ताकतां खाणै री पसंद नै कियां ढाळै है

आपां नै यो मानणो भलो लागै है कै खाणै री पसंद निजी है। पण वा है कोनी। कम सूं कम, पूरी तरह तो कोनी। या उण ई भीतरी अर बाहरी ताकतां रो नतीजो है जो बीजी हरेक चीज नै ढाळै है — अर उण में सूं ज्यादातर आपरी जाण-बूझ सूं नीचै काम करै है।

🔹 भीतरी असर:

शुरुआत रा अनुभव, भावनात्मक यादां, इंद्रियां रा जुड़ाव अर तंत्रिका-तंत्र री प्रतिक्रियावां। बालपण में आपां जो खाणो खायो — अर उण रै आसपास रो भावनात्मक लहजो — वो आराम, सुरक्षा या तनाव रा तंत्रिका-नक्शा बणावै है। मिसाल खातर, जे “खास लाड रो खाणो” रो मतलब प्रसंस्कृत शक्कर या फास्ट फूड हो, तो भावनात्मक राहत री तलब सहज ई उण कानी इशारो करसी। बात इच्छाशक्ति री कोनी। बात तंत्रिका-जोड़ां री बणावट री है।

🔹 बाहरी असर:

संस्कृति रा मानदंड, मीडिया, मार्केटिंग, साथी-संगत रो व्यवहार अर सामाजिक मंच। ये तय करै है कै कांई स्वीकार होवै, किण री आस राखी जावै, अर कांई शर्म री बात है। विज्ञापन घणी वार भावां नै जगावण वाळा बिंदुवां नै निशाणो बणावै है — खाणै नै पिछाण, आपनापण, इनाम या हैसियत सूं जोड़ता थका। सोशल मीडिया इण नै और बढ़ावै है, खाणै नै सामग्री, प्रदर्शन या नैतिकता में बदल देवै है। आपां एक कौर चाखां उण सूं पहल्यां ई यो सगळो शरीर में पहुंच जावै है।

ये ताकतां सागै काम करै है। या केवल आपां कांई खावां हां, उण नै ई कोनी ढाळै — या खावण रै बारे में आपां कियां महसूस करां हां, उण नै भी ढाळै है। जद फैसला आदत, भाव या अनजाणे मिल्या सुझाव सूं चालै है, तो वे आपै-आप होवता लागै है — भले वे आपरे जाण-बूझकर राख्या लक्ष्यां सूं उलटा ई क्यूं न होवै।

इण रो मतलब यो कोनी कै खाणै री पसंद अटल है। पण इण रो मतलब यो जरूर है कै वा ढर्रां में ढळी है। अर किणी भी ढर्रै री ज्यूं, उण नै बदलण रो पहलो कदम काबू कोनी — सजगता है।

✨ आखिरी समझ

जे आपां जो दोहरावां उण सूं पिछाण ढळै है, अर खाणै री पसंद आपरी जिंदगी रा सबसूं ज्यादा दोहराया जाण वाळा कामां में सूं एक है, तो आपां कांई खावां हां यो केवल ईंधण री बात कोनी — यो आपां कांई बण गया हां, उण री बात है।

पण भली खबर या है: जे पिछाण सीखी गई है, तो उण सीख नै छोड़ी भी जा सकै है। जे खाण रो व्यवहार ढर्रै में ढळ्यो है, तो उण नै नवै ढर्रै में ढाळ्यो जा सकै है।

जोर सूं कोनी। शर्म रै जरिये कोनी। पण साफ देखण सूं — अर फेर सूं चुनण सूं।

क्यूंकै आपां जिण रो अभ्यास करां हां, वो ई बण जावां हां। अर आपां जो बणां... उण नै हमेशा फेर टटोल सकां हां।