थै सगळो काम बीजां नै सौंप सको हो — सिवाय उण रै जो थै आपरे शरीर नै खवावो हो
थै आपरे शरीर नै कांई खवावो हो, इण री जिम्मेदारी लेणो आपरी देखभाळ रो ऐड़ो काम है जिण पर कोई समझौतो कोनी।
अंग्रेजी रै मूल लेख रो अनुवाद AI सूं करियो गयो है। भाव री बारीकियां में फरक हो सकै है। अंग्रेजी रो मूल लेख पढ़ो

थै आपरे शरीर नै कांई खवावो हो, इण री जिम्मेदारी लेणो आपरी देखभाळ रो ऐड़ो काम है जिण पर कोई समझौतो कोनी।
आज री दुनिया में लगभग हर काम बीजां नै सौंप्यो जा सकै है। थै आपरो काम बांट सको हो, कैलेंडर नै आपै-आप चलावण वाळो बणा सको हो, घर खातर मददगार राख सको हो, अर आपरा भाव संभाळण खातर भी बीजां रो सहारो ले सको हो। पण एक फैसलो है जो थांरी जगह बीजो कोई कोनी ले सकै — थै आपरे शरीर नै कांई खवावो हो।
वा पसंद निजी है। या दिन में तीन सूं पांच वार दोहरावै है, घणी वार चुपचाप, बिण किणी रसम रै — अर फेर भी हरेक चीज पर असर करै है। थांरी ऊर्जा। थांरी नींद। थांरो ध्यान। थांरी आंत। थांरी मनोदशा। बखत रै साथै या केवल थांरी सेहत नै ई कोनी, थांरी पिछाण नै भी ढाळै है।
आपां घणी वार भूल जावां हां कै यो फैसलो असल में कित्तो ताकतवर है। क्यूंकै खाणो, जो कदे सहज होतो, उण नै उलझावणो बणा दियो गयो है। डाइटां, चलण, इन्फ्लुएंसर, खाणै रा नियम, अपराध-बोध, शर्म — इण सगळां साधारण सूझ-बूझ नै धकियाकर बाहर कर दी है। अर इण शोर में आपां उण एक आवाज सूं जुड़ाव खो देवां हां जो सच में मायनो राखै है: शरीर री आपरी समझदारी।
चलण कोई भी होवै, यो सांच बण्यो रहवै है: खाणै री कोई नैतिकता कोनी। भलो खाणो या बुरो खाणो, साफ खाणो या नियम तोड़ण वाळो “चीट फूड”, ऐड़ी कोई चीज कोनी। ये मिनखां री बणाई धारणावां है — जीव-विज्ञान रा तथ्य कोनी। हरेक खावण लायक चीज री पोषण री कीमत होवै है। जो बदलै है वो है संदर्भ, गुणवत्ता, मात्रा अर थांरे निराळै शरीर रै साथै उण रो आपसी असर।
अर थै निराळा हो — चयापचय, भावां अर वंशाणुवां रै हिसाब सूं। थांरी भूख, थांरो पाचन, स्वाद, याद अर भावां रै साथै थांरो रिश्तो — सगळो थांरो आपरो है। इण वास्तै कोई थांनै कोनी बता सकै कै थांरे खातर कांई सही है। वे सुझाव दे सकै है। पण जिम्मेदारी? वा थांरी है।
भलो खावण खातर थांनै ज्यादा अनुशासन री जरूरत कोनी। थांनै ज्यादा सजगता चइजै।
थांनै काबू कोनी चइजै। थांनै जुड़ाव चइजै।
थांनै नियम कोनी चइजै। थांनै लय चइजै।
अर शर्म री तो थांनै बिल्कुल जरूरत कोनी। शर्म फैसला लेण री समझ पर धुंध चढ़ा देवै है। या थांनै आपरे शरीर सूं और दूर खींचै है, खाणै नै आनंद लेण री चीज री बजाय संभाळकर काबू करण री चीज बणा देवै है।
खाणै रै साथै आपरो रिश्तो पाछो पावणो कोई डाइट कोनी, सेहत रो लक्ष्य कोनी, अर आपरे आप नै सुधारवण री परियोजना कोनी। यो पाछा आवणो है। उण चीज कानी पाछा आवणो जिण रै साथै थै जनम्या हा — महसूस करण, जवाब देण अर तन-मन पोसण री क्षमता। या परिपूर्ण होवण री बात कोनी। या मौजूद रहण री बात है।
क्यूंकै जद थै सजगता सूं खावो, थै सजगता सूं जीण लागो। थै बिण ध्यान रै आपै-आप चालणो छोड़ देवो। थै ध्यान देण लागो — केवल आपरे भोजन पर कोनी, आपरी जरूरतां पर भी। अर धीरे-धीरे थै आपरे शरीर नै जिण ढंग सूं खवावो, वो इण बात रो आरसी बणण लागै है कै थै जिंदगी में किण ढंग सूं मौजूद होवो।
खाणो जीवनशैली कोनी। यो एक भाषा है — जो सुरक्षा, स्थिरता अर आपरे आप पर भरोसै रो संदेश देवै है। अर जद थै उण भाषा नै बीजां नै सौंपणो छोड़ो, सगळो बदलण लागै है।
शरीर उलझ्यो होयो कोनी। वो थांरे सुणण री बाट जोवै है।
